वर्ल्ड रिलीजियस कन्वेंशन अर्थात विश्व धर्म संसद की गंभीरता को समझे भारत व उत्तर प्रदेश सरकार: महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी

15 नवंबर 2024
वर्ल्ड रिलीजियस कन्वेंशन अर्थात विश्व धर्म संसद की गंभीरता को समझे भारत व उत्तर प्रदेश सरकार : महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी
गाजियाबाद पुलिस अधिकारियों में गंभीरता की कमी को लेकर महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज ने सरकार को चेताया
अगर पुलिस की लापरवाही से हमारे किसी अतिथि की हत्या हुई तो उसके जिम्मेदार ये अधिकारी होंगे : डॉ उदिता त्यागी
सम्पूर्ण विश्व के इस्लाम के गैर मुस्लिम जानकारों का मेला है वर्ल्ड रिलीजियस कन्वेंशन अर्थात विश्व धर्म संसद
आज शिवशक्ति धाम डासना में प्रेस वार्ता करके शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर व श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज ने वर्ल्ड रिलीजियस कन्वेंशन अर्थात विश्व धर्म संसद को लेकर भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार की लापरवाही पर गहन असंतोष व्यक्त किया।
महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ल्ड रिलीजियस कन्वेंशन अर्थात विश्व धर्म संसद सम्पूर्ण विश्व का ऐसा पहला धार्मिक आयोजन है जहां इस्लाम के जिहाद और सम्पूर्ण विश्व पर उसक प्रभाव पर गहन चर्चा करके इस्लामिक जिहाद से मानवता की रक्षा के मार्ग खोजे जाएंगे।इस आयोजन की चर्चा सम्पूर्ण विश्व में हो रही है।सम्पूर्ण विश्व को इस्लाम के जिहाद की सच्चाई से अवगत कराने वाले धर्मगुरु और कार्यकर्ता बड़े उत्साह के साथ इसमें भाग ले रहे हैं।यह कार्यक्रम सम्पूर्ण मानवता की रक्षा में एक महत्वपूर्ण कदम है जिसकी दुनिया भर के जागरूक नागरिक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
वस्तुतः ये सम्पूर्ण विश्व के गैर मुस्लिम इस्लाम के जानकारों का मेला है।विदेश से लगभग 40 बड़े धर्मगुरु और विद्वान इसमें भाग ले रहे हैं।ये सभी लोग वो हैं जो सम्पूर्ण मानवता को इस्लाम के जिहाद से बचाने के लिए अभूतपूर्व कार्य कर रहे हैं।ये सभी इस्लामिक जिहादियों के निशाने पर हैं।इस्लाम के जिहादी किसी भी कीमत पर उनकी हत्या करना चाहते हैं।उनकी सुरक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है।इनमें से किसी के भी साथ यदि कोई दुर्घटना होती है तो यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण होगा।इससे सम्पूर्ण विश्व में हमारे देश की छवि प्रभावित होगी।वर्ल्ड रिलीजियस कन्वेंशन अर्थात विश्व धर्म संसद में बड़ी संख्या में अप्रवासी भारतीय भी भाग लेंगे।ऐसे में भारत सरकार व उत्तर प्रदेश सरकार को इस आयोजन को बहुत गंभीरता से लेना चाहिए।इस आयोजन के पूर्ण होने से सम्पूर्ण विश्व में महत्वपूर्ण संदेश जाएगा।परन्तु गाजियाबाद पुलिस के अधिकारियों ने इस आयोजन की गंभीरता का मजाक उड़ाते हुए आयोजक यति नरसिंहानंद सरस्वती फाउंडेशन के पदाधिकारियों से आने वाले अतिथि धर्मगुरुओं और विद्वानों की सम्पूर्ण जानकारी कौशांबी थाने में जमा करने का तुगलकी फरमान सुनाया है।शायद गाजियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अपने थानों की सच्चाई से अवगत नही हैं।अगर यह जानकारी किसी तरह से मुस्लिम समुदाय के लोगों तक पहुंच गई तो इन अतिथियों में से कोई भी वापस जीवित वापस नहीं जा सकेगा।अगर यह हुआ तो यह देश के लिए बहुत बुरा होगा।हम यह सारी जानकारी देने के लिए तैयार हैं परन्तु यह जानकारी कम से कम पुलिस कमिश्नर स्तर के अधिकारी को दी जा सकती है।हम आशा कर रहे थे कि प्रधानमंत्री कार्यालय,गृह मंत्रालय या उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी हमसे यह जानकारी मांगेगे परन्तु यह बहुत निराशाजनक है कि हमसे अति महत्वपूर्ण और संवेदनशील जानकारी थाने में जमा करने को कहा जा रहा है।इससे यह प्रतीत होता है कि गाजियाबाद पुलिस का कोई अधिकारी किसी षड्यंत्र में लिप्त होकर किसी दुर्घटना की भूमिका रच रहा है।ये अधिकारी शायद ये नहीं जानते कि उनकी इन बचकाना हरकतों या षड्यंत्रों से भारत और उत्तर प्रदेश सरकार को कितनी क्षति पहुंचेगी।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए वर्ल्ड रिलीजियस कन्वेंशन अर्थात विश्व धर्म संसद की मुख्य संयोजक डॉ उदिता त्यागी जी ने कहा कि हम अपने अतिथियों को सुरक्षा को लेकर बहुत चिन्तित हैं।अगर इनमें से किसी की भी हत्या हुई तो उसकी जिम्मेदारी गाजियाबाद पुलिस के अधिकारियों की होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि गाजियाबाद पुलिस की इस हरकत के विरोध में वो सोमवार को प्रधानमंत्री कार्यालय,गृहमंत्रालय और मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र लिखेगी और आयोजन को गंभीरता से लेने की प्रार्थना करेंगी।पुलिस आयोजन की अनुमति दे या ना दे,ये लोग तो आ ही रहे हैं।ये हमारे अति महत्वपूर्ण और सम्मानित अतिथि हैं।हम इनकी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं कर सकते।अब सरकार और अधिकारी हमारा कितना ही मजाक क्यों ना बना दे,हम अपनी ओर से कोई कसर नहीं छोड़ेगे।
प्रेस वार्ता में यति रामस्वरूपानंद जी महाराज और मोहित बजरंगी भी उपस्थित थे।