यति नरसिंहानंद फाउंडेशन की महासचिव डॉ उदिता त्यागी ने वर्ल्ड रिलीजियस कन्वेंशन अर्थात विश्व धर्म संसद की अनुमति के लिये प्रधानमंत्री को लिखा पत्र

25 नवम्बर 2024

  • यति नरसिंहानंद फाउंडेशन की महासचिव डॉ उदिता त्यागी ने वर्ल्ड रिलीजियस कन्वेंशन अर्थात विश्व धर्म संसद की अनुमति के लिये प्रधानमंत्री को लिखा पत्र
  • पत्र की प्रतिलिपि केंद्रीय गृहमंत्री, केंद्रीय विदेश मंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित सम्बंधित अधिकारियों को भेजी
  • वर्ल्ड रिलीजियस कन्वेंशन अर्थात विश्व धर्म संसद की अनुमति न मिलना अलोकतांत्रिक व असंवैधानिक-महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी

आज यति नरसिंहानंद सरस्वती फाउंडेशन की महासचिव उदिता त्यागी ने फिर से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को वर्ल्ड रिलिजियस कन्वेंशन अर्थात विश्व धर्म संसद को अनुमति देने के लिये पत्र लिखा।डॉ उदिता त्यागी वर्ल्ड रिलीजियस कन्वेंशन अर्थात विश्व धर्म संसद की मुख्य संयोजक भी हैं।

उन्होंने यह पत्र शिवशक्ति धाम डासना से महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज, यति रामस्वरूपानंद जी महाराज तथा अन्य यति सन्यासियो की उपस्थिति में जारी किया।

प्रधानमंत्री को यह पत्र भेजते हुए महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज ने कहा कि विश्वगुरु की पदवी के लिये अपना अधिकार बताने वाले सनातन धर्म के अनुयायियों का यह दायित्व है कि वो सम्पूर्ण मानवता की रक्षा हेतु इस्लामिक जिहाद की सच्चाई सम्पूर्ण विश्व के सामने लाये। वर्ल्ड रिलीजियस कन्वेंशन अर्थात विश्व धर्म संसद इसमें महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर सकती है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को इस मामले की गम्भीरता को समझना चाहिये और अविलम्ब इस आयोजन के लिये अनुमति प्रदान करनी चाहिए।

आज सम्पूर्ण विश्व के इस्लामिक जिहाद के विरुद्ध वैचारिक संघर्ष करने वाले योद्धा इस आयोजन की ओर आशा भरी दृष्टि से देख रहे हैं।अगर सरकार ने इस आयोजन कि अनुमति नहीं दी तो यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण होगा क्योंकि उससे आतंकवाद के विरुद्ध वैचारिक संघर्ष की सदैव बात करने वाले देश के रूप में हमारी छवि को बहुत धक्का लगेगा।

भवदीय
डॉ उदिता त्यागी
मुख्यसंयोजक WRC
महासचिव
यति नरसिंहानंद सरस्वती फाउंडेशन

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तौकीर रजा,मदनी,ओवैसी कोई जब हिन्दुओ को धमकी देगा तो उसके सामने खड़े होंगे महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज व उनके शिष्यगण


24 नवम्बर 2024
शिवशक्ति धाम डासना को छावनी बना कर पुलिस ने महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी और उनके साथियों को एक बार नजरबन्द किया।

  • तौकीर रजा,मदनी और ओवैसी जैसो के बाप दादा अपना हिस्सा लेकर पाकिस्तान बनवा चुके हैं-महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी
  • तौकीर रजा,मदनी,ओवैसी कोई जब हिन्दुओ को धमकी देगा तो उसके सामने खड़े होंगे महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज व उनके शिष्यगण
  • इसी हफ्ते सम्भल के हरि हर मंदिर के दर्शन के लिये जायेगे महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज
  • महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी के आह्वान पर रामलीला मैदान दिल्ली पहुचे अनेक साधु संत व हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ता

मौलाना तौकीर रजा के सामने खड़े होने के लिये दिल्ली जा रहे शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर व श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज और उनके साथियों को आज दिल्ली पुलिस और यूपी पुलिस ने संयुक्त रूप से शिवशक्ति धाम डासना में ही नजरबन्द कर दिया।इसके लिये बहुत बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया था।

पुलिस के रोके जाने पर महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज और उनके शिष्यों ने मंदिर में ही हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया और एक घण्टे तक पाठ करते रहे।
इस अवसर पर महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज ने कहा कि तौकीर रजा,मदनी और ओवैशी जैसे लोगो ने हमारी सज्जनता को हमारी कमजोरी समझ लिया।अब वो अच्छी तरह समझ ले कि वो हमारा कत्ल तो कर सकते हैं पर हमें डरा नहीं सकते।अगर वो हम को डराने के लिये भीड़ इकट्ठा कर सकते हैं तो हम भी उनके सामने अपना सर कटाने के लिये उनकी आंखों में आंखे डालकर खड़ा हो सकते हैं।अब कोई तौकीर रजा,कोई मदनी या कोई ओवैसी ये ना सोचे कि वो ऐसे भी हमारे देश पर कब्जा कर सकते हैं।इनको अच्छी तरह समझना चाहिए कि इनके बाप दादा अपने हिस्से की जमीन लेकर पाकिस्तान बनवा चुके हैं।अब जो ये वक्फ के नाम पर गुंडागर्दी कर रहे हैं, वो इनकी असली औकात दुनिया के सामने ला रहा है।
महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज ने सम्भल में मुसलमानों द्वारा किये पथराव को उनका डर बताते हुए कहा कि अपनी सच्चाई को दुनिया के सामने खुलने के डर से ये उग्र हो रहे हैं।ये अच्छी तरह जानते है कि दुनिया भर में मस्जिद दूसरे धर्म के धर्मस्थलों को तोड़कर बनाई जाती थी।इसका सबसे बड़ा उदाहरण तो मक्का की मस्जिद है जिसे सनातन धर्म की देवियो और देवताओं के मंदिर तोड़ कर बनाया गया था।अब इस्लाम की यह काली सच्चाई जब दुनिया के सामने आ रही है तो ये बिलबिला रहे हैं।पर चाहे कुछ भी हो जाये,हम इस्लाम की सच्चाई दुनिया के सामने लाकर रहेगे।
आज महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज के साथ अनिल यादव ,धीरज नागर,डॉ उदिता त्यागी,वेद नागर,यति रामस्वरूपानंद जी,यति निर्भयानंद जी,यति रणसिंहानन्द जी, यति माँ आस्थामयी,यति परमात्मानंद जी,मोहित बजरंगी,सनोज शास्त्री,चहन सिंह बालियान, सचिन सिरोही,सुनील दत्त शर्मा,जितेंद्र गुर्जर,बॉबी त्यागी तथा अन्य भक्तगण उपस्थित थे।

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सनातन वैदिक राष्ट्र के रूपरेखा बनाने के लिये 19,20 और 21 दिसम्बर को हरिद्वार में धर्म संसद

28 नवम्बर 2024
इजरायल की तरह हिन्दुओ को भी बनाना चाहिए सनातन वैदिक राष्ट्र- महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी

  • सनातन वैदिक राष्ट्र के रूपरेखा बनाने के लिये 19,20 और 21 दिसम्बर को हरिद्वार में धर्म संसद

आज आनंद भैरव घाट श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े से शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर व श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज ने बांग्लादेश में चल रहे जघन्य हिन्दू नरसंहार पर तीव्र आक्रोश व्यक्त किया और भारत के हिन्दुओ से बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिन्दुओ के हाल से शिक्षा लेने का आह्वान किया।
जूना अखाड़े के कोठारी श्रीमहंत महाकाल गिरी जी महाराज तथा अन्य सन्तो के साथ एक वीडियो जारी करके महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज ने कहा कि बांग्लादेश में आर्मी और पुलिस के साथ मिलकर मुस्लिम जनसमुदाय हिन्दुओ का भीषण नरसंहार कर रहे हैं।इस्कोन के निरपराध चिन्मय दास प्रभु को जेल में डाल कर बांग्लादेश की सरकार ने सम्पूर्ण विश्व के हिन्दुओ को उनकी औकात बताई है।अगर ऐसा किसी देश ने किसी यहूदी के साथ किया होता तो इजरायल उस देश पर अब तक आक्रमण कर चुका होता और उस यहूदी को बचा कर ले गया होता।अगर हम हिन्दुओ के पास भी अपना कोई राष्ट्र होता तो पाकिस्तान और बांग्लादेश सहित किसी भी देश मे हिन्दुओ की दुर्गति ना हुई होती।हमने असीमित साधन और बलिदान आहूत करके श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर बनाया परंतु यह श्रीराम मंदिर मुस्लिम जिहादियों की भीड़ के द्वारा उसी दिन तोड़ दिया जाएगा जिस दिन भारत का प्रधानमंत्री कोई मुसलमान बनेगा।मुस्लिमो की भयानक रूप से बढ़ती हुई आबादी को देखते हुए यह अब ज्यादा दिन की बात नहीं है।अगर श्रीराम मंदिर के स्थान पर यह आंदोलन अगर सनातन वैदिक राष्ट्र के लिये किया जाता तो हमे लव जिहाद,गौ रक्षा,श्रीकृष्ण जन्मभूमि, काशी विश्वनाथ या सम्भल के हरिहर मंदिर की चिंता नहीं करनी पड़ती क्योकि ये तो सब हमे मिल ही जाता। लेकिन हमने छोटी बातों पर तो आंदोलन किये पर असली समस्या पर कभी आवाज ही नहीं उठाई और इस अभूतपूर्व दुर्गति को प्राप्त हुए।हमे समझना चाहिये कि अब हिन्दुओ की यह अंतिम शरणस्थली भारतवर्ष बहुत तेजी से शरिया कानून की ओर चल दिया है जहाँ ना तो कोई मंदिर बचेगा और ना कि कोई मंदिरों में पूजा करने वाला।इस विषय को ना तो कोई हिन्दू नेता उठा रहा है, ना ही कोई हिन्दू धर्मगुरु और ना ही कोई हिन्दू संगठन उठा रहा है।इस अति गम्भीर विषय को उठाने के लिये 19,20 और 21दिसम्बर को आनन्द भैरव मंदिर जूना अखाड़े में तीन दिवसीय धर्म संसद का आयोजन किया जा रहा है।जो भी हिन्दू अपने आने वाली पीढ़ियों को इस्लाम के जिहादियों का चारा नहीं बनने देना चाहते वो सभी धर्म संसद में भाग लेने की कृपा करें।
वीडियो में जूना अखाड़े के सन्यासियो के साथ ही डॉ उदिता त्यागी और यति अभयानंद जी भी उपस्थित थे।

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जो बांग्लादेश में हो रहा है, वो ही असली इस्लाम है-महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी

3 दिसम्बर 2024,आनंद भैरव मंदिर,जूना अखाड़ा, हरिद्वार

जो बांग्लादेश में हो रहा है, वो ही असली इस्लाम है-महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी

इस्लाम का असली चेहरा विश्व के समक्ष रखने के लिये विश्व धर्म संसद अति आवश्यक

सन्तो से महाकुम्भ में वैभव प्रदर्शन के स्थान पर धर्म व मानवता की रक्षा पर चिंतन करने का आह्वान

विश्व धर्म संसद की तैयारी के लिए हरिद्वार आये शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर व श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज ने आनंद भैरव मंदिर,श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े से सनातन धर्म के सभी सन्तो से इस्लामिक जिहाद के खतरे को सम्पूर्ण विश्व के समक्ष लाने के लिये महाकुम्भ में गम्भीर विचार मंथन करने का आग्रह किया।उन्होंने कहा कि महाकुम्भ को वैभव प्रदर्शन का स्थान बनाने के बजाय सनातन धर्म और सम्पूर्ण मानवता की रक्षा हेतु गम्भीर विचार मंथन के लिये प्रयोग करना चाहिए।
महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज के साथ विश्व धर्म संसद की मुख्य संयोजक डॉ उदिता त्यागी व यति अभयानंद जी भी थे।

श्रीमहंत महाकाल गिरी जी व अन्य सन्तो के साथ एक वीडियो जारी करके महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज ने कहा कि आज जो बांग्लादेश के हिन्दुओ के साथ हो रहा है,वो ही असली इस्लाम है।असली इस्लाम केवल वहां दिखाई देता है,जहां मुसलमान बहुसंख्यक होते हैं।जहाँ मुसलमान अल्पसंख्यक होते हैं, वहाँ वो झूठ बोलकर बहुसंख्यक समाज को दिग्भ्रमित करते हैं और अपनी जनसंख्या भयंकर तरीके से बढ़ा कर उस देश पर कब्जा करते हैं।इसका सबसे ताजा उदाहरण बांग्लादेश में हो रहा हिन्दू नरसंहार है।जो आज बांग्लादेश में हो रहा है,वो बहुत जल्दी भारत मे होगा।भारत पर कब्जा करके इस्लाम के जिहादी सम्पूर्ण विश्व को इस्लामिक करने के लिये लड़ाई लड़ेंगे।इन सब तथ्यों पर चर्चा करने के लिये ही विश्व धर्म संसद की अति आवश्यकता है।

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वर्ल्ड रिलीजियस कन्वेंशन अर्थात विश्व धर्म संसद की गंभीरता को समझे भारत व उत्तर प्रदेश सरकार: महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी

15 नवंबर 2024

वर्ल्ड रिलीजियस कन्वेंशन अर्थात विश्व धर्म संसद की गंभीरता को समझे भारत व उत्तर प्रदेश सरकार : महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी

गाजियाबाद पुलिस अधिकारियों में गंभीरता की कमी को लेकर महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज ने सरकार को चेताया

अगर पुलिस की लापरवाही से हमारे किसी अतिथि की हत्या हुई तो उसके जिम्मेदार ये अधिकारी होंगे : डॉ उदिता त्यागी

सम्पूर्ण विश्व के इस्लाम के गैर मुस्लिम जानकारों का मेला है वर्ल्ड रिलीजियस कन्वेंशन अर्थात विश्व धर्म संसद

आज शिवशक्ति धाम डासना में प्रेस वार्ता करके शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर व श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज ने वर्ल्ड रिलीजियस कन्वेंशन अर्थात विश्व धर्म संसद को लेकर भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार की लापरवाही पर गहन असंतोष व्यक्त किया।
महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ल्ड रिलीजियस कन्वेंशन अर्थात विश्व धर्म संसद सम्पूर्ण विश्व का ऐसा पहला धार्मिक आयोजन है जहां इस्लाम के जिहाद और सम्पूर्ण विश्व पर उसक प्रभाव पर गहन चर्चा करके इस्लामिक जिहाद से मानवता की रक्षा के मार्ग खोजे जाएंगे।इस आयोजन की चर्चा सम्पूर्ण विश्व में हो रही है।सम्पूर्ण विश्व को इस्लाम के जिहाद की सच्चाई से अवगत कराने वाले धर्मगुरु और कार्यकर्ता बड़े उत्साह के साथ इसमें भाग ले रहे हैं।यह कार्यक्रम सम्पूर्ण मानवता की रक्षा में एक महत्वपूर्ण कदम है जिसकी दुनिया भर के जागरूक नागरिक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
वस्तुतः ये सम्पूर्ण विश्व के गैर मुस्लिम इस्लाम के जानकारों का मेला है।विदेश से लगभग 40 बड़े धर्मगुरु और विद्वान इसमें भाग ले रहे हैं।ये सभी लोग वो हैं जो सम्पूर्ण मानवता को इस्लाम के जिहाद से बचाने के लिए अभूतपूर्व कार्य कर रहे हैं।ये सभी इस्लामिक जिहादियों के निशाने पर हैं।इस्लाम के जिहादी किसी भी कीमत पर उनकी हत्या करना चाहते हैं।उनकी सुरक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है।इनमें से किसी के भी साथ यदि कोई दुर्घटना होती है तो यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण होगा।इससे सम्पूर्ण विश्व में हमारे देश की छवि प्रभावित होगी।वर्ल्ड रिलीजियस कन्वेंशन अर्थात विश्व धर्म संसद में बड़ी संख्या में अप्रवासी भारतीय भी भाग लेंगे।ऐसे में भारत सरकार व उत्तर प्रदेश सरकार को इस आयोजन को बहुत गंभीरता से लेना चाहिए।इस आयोजन के पूर्ण होने से सम्पूर्ण विश्व में महत्वपूर्ण संदेश जाएगा।परन्तु गाजियाबाद पुलिस के अधिकारियों ने इस आयोजन की गंभीरता का मजाक उड़ाते हुए आयोजक यति नरसिंहानंद सरस्वती फाउंडेशन के पदाधिकारियों से आने वाले अतिथि धर्मगुरुओं और विद्वानों की सम्पूर्ण जानकारी कौशांबी थाने में जमा करने का तुगलकी फरमान सुनाया है।शायद गाजियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अपने थानों की सच्चाई से अवगत नही हैं।अगर यह जानकारी किसी तरह से मुस्लिम समुदाय के लोगों तक पहुंच गई तो इन अतिथियों में से कोई भी वापस जीवित वापस नहीं जा सकेगा।अगर यह हुआ तो यह देश के लिए बहुत बुरा होगा।हम यह सारी जानकारी देने के लिए तैयार हैं परन्तु यह जानकारी कम से कम पुलिस कमिश्नर स्तर के अधिकारी को दी जा सकती है।हम आशा कर रहे थे कि प्रधानमंत्री कार्यालय,गृह मंत्रालय या उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी हमसे यह जानकारी मांगेगे परन्तु यह बहुत निराशाजनक है कि हमसे अति महत्वपूर्ण और संवेदनशील जानकारी थाने में जमा करने को कहा जा रहा है।इससे यह प्रतीत होता है कि गाजियाबाद पुलिस का कोई अधिकारी किसी षड्यंत्र में लिप्त होकर किसी दुर्घटना की भूमिका रच रहा है।ये अधिकारी शायद ये नहीं जानते कि उनकी इन बचकाना हरकतों या षड्यंत्रों से भारत और उत्तर प्रदेश सरकार को कितनी क्षति पहुंचेगी।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए वर्ल्ड रिलीजियस कन्वेंशन अर्थात विश्व धर्म संसद की मुख्य संयोजक डॉ उदिता त्यागी जी ने कहा कि हम अपने अतिथियों को सुरक्षा को लेकर बहुत चिन्तित हैं।अगर इनमें से किसी की भी हत्या हुई तो उसकी जिम्मेदारी गाजियाबाद पुलिस के अधिकारियों की होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि गाजियाबाद पुलिस की इस हरकत के विरोध में वो सोमवार को प्रधानमंत्री कार्यालय,गृहमंत्रालय और मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र लिखेगी और आयोजन को गंभीरता से लेने की प्रार्थना करेंगी।पुलिस आयोजन की अनुमति दे या ना दे,ये लोग तो आ ही रहे हैं।ये हमारे अति महत्वपूर्ण और सम्मानित अतिथि हैं।हम इनकी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं कर सकते।अब सरकार और अधिकारी हमारा कितना ही मजाक क्यों ना बना दे,हम अपनी ओर से कोई कसर नहीं छोड़ेगे।
प्रेस वार्ता में यति रामस्वरूपानंद जी महाराज और मोहित बजरंगी भी उपस्थित थे।

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डॉ उदिता त्यागी और महेश आहूजा जी ने पुलिस आयुक्त से मिलकर पुनः विश्व धर्म संसद(वर्ल्ड रिलीजियस कन्वेंशन) की अनुमति मांगी

हर हर महादेव
28 अक्टूबर 2024

  • डॉ उदिता त्यागी और महेश आहूजा जी ने पुलिस आयुक्त से मिलकर पुनः विश्व धर्म संसद(वर्ल्ड रिलीजियस कन्वेंशन) की अनुमति मांगी
  • गैरमुस्लिमों के जीने के अधिकार के लिये विश्व धर्म संसद(वर्ल्ड रिलीजियस कन्वेंशन) अति आवश्यक-डॉ उदिता त्यागी
  • विश्व धर्म संसद(वर्ल्ड रिलीजियस कन्वेंशन)की भूमिका विश्व इतिहास में निर्णायक होगी-महेश आहूजा

आज यति नरसिंहानंद सरस्वती फाउंडेशन की महासचिव व विश्व धर्म संसद(वर्ल्ड रिलीजियस कन्वेंशन) की मुख्य संयोजक डॉ उदिता त्यागी व वरिष्ठ समाजसेवी श्री महेश आहूजा जी ने आज गाज़ियाबाद पुलिस आयुक्त श्री अजय मिश्रा से मिलकर 17,18 और 19 दिसम्बर 2024 को होने वाली विश्व धर्म संसद(वर्ल्ड रिलीजियस कन्वेंशन) की अनुमति के लिये पुनः प्रार्थना पत्र दिया।
इससे पहले महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज पुलिस आयुक्त को प्रार्थना पत्र देकर अनुमति मांग चुके हैं।उन्होंने इस आयोजन की अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह,उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी महाराज सहित अनेक जिम्मेदार पदों पर आसीन अफसरों को पत्र भी लिखा है।
विश्व धर्म संसद(वर्ल्ड रिलीजियस कन्वेंशन)का मुख्य उद्देश्य सम्पूर्ण विश्व के गैर मुस्लिमो को एक मंच पर लाकर इस्लामिक जिहाद से सम्पूर्ण मानवता को बचाने के लिये प्रयास करना है।सम्पूर्ण विश्व में इस्लामिक जिहाद के खतरों को समझने वाले बुद्धिंजीवी इस आयोजन को सम्पूर्ण विश्व के लोग आशा की एक किरण के रूप में देख रहे हैं।
आयोजन के विषय मे डॉ उदिता त्यागी ने पुलिस आयुक्त अजय मिश्रा जी को बताया कि 29 देशों के चालीस से ज्यादा प्रतिनिधि इस आयोजन में भाग लेने वाले हैं।पहले यह आयोजन शिवशक्ति धाम डासना में होने वाला था परन्तु सुरक्षा कारणों से अब इसका स्थान बदल कर होटल रेडिसन ब्लू कौशाम्बी कर दिया गया है।यह आयोजन सम्पूर्ण विश्व के गैर मुस्लिमो के जीने के अधिकार के लिए अति आवश्यक है।
महेश आहूजा जी ने पुलिस आयुक्त अजय मिश्रा को बताया कि विश्व धर्म संसद(वर्ल्ड रिलीजियस कन्वेंशन) विश्व इतिहास में निर्णायक भूमिका का निर्वहन करेगी।यह आयोजन भारतवासियों के लिये गर्व का विषय है।इससे सम्पूर्ण मानवता की रक्षा का मार्ग प्रशस्त होगा।
दीपावली के बाद डॉ उदिता त्यागी यति नरसिंहानंद सरस्वती फाउंडेशन की ओर से प्रधानमंत्री, गृहमंत्री सहित सभी जिम्मेदार सरकारी अफसरों को पत्र लिख पुनः अनुमति व सुरक्षा व्यवस्था के लिये अनुरोध करेगी।

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महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी की अनुपस्थिति में भी पूर्ण होगा विश्व धर्म संसद(वर्ल्ड रिलीजियस कन्वेंशन):डॉ उदिता त्यागी

हर हर महादेव
हरिद्वार 27 अक्टूबर 2024

  • महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी की अनुपस्थिति में भी पूर्ण होगा विश्व धर्म संसद(वर्ल्ड रिलीजियस कन्वेंशन)
  • विश्व शांति और सम्पूर्ण मानवता की रक्षा के लिये विश्व धर्म संसद(वर्ल्ड रिलिजियस कन्वेंशन) अति आवश्यक-डॉ उदिता त्यागी
  • सभी सन्तो को आपसी मतभेदों को भुला कर महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद जी का साथ देना चाहिये-सुनील त्यागी
  • विश्व धर्म संसद के लिये हरिद्वार के सनातनी पूर्ण सहयोग करेंगे-पंडित पवनकृष्ण शास्त्री

आज यति नरसिंहानंद सरस्वती फाउंडेशन की महासचिव व विश्व धर्म संसद(वर्ल्ड रिलीजियस कन्वेंशन) की मुख्य संयोजक डॉ उदिता त्यागी ने अखिल भारतीय ब्रह्मर्षि महासंघ के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्री सुनील त्यागी व श्रीअखण्ड परशुराम अखाड़ा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक जी के साथ विश्व धर्म संसद(वर्ल्ड रिलीजियस कन्वेंशन) को लेकर हरिद्वार के प्रेस क्लब के एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया।
विश्व धर्म संसद(वर्ल्ड रिलीजियस कन्वेंशन) का आयोजन यति नरसिंहानंद सरस्वती फाउंडेशन अनेक अन्य संस्थाओं के सहयोग से कर रही है।यह आयोजन 17 दिसंबर 2024 से 22दिसम्बर 2024 तक चलेगा।पहले दिन दिवस यह आयोजन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में और अंतिम तीन दिन यह आयोजन श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े में होगा।इस आयोजन का उद्देश्य विश्व के सभी गैरमुस्लिमों को इस्लामिक जिहाद की वास्तविक विभीषिका को समझा कर एक प्लेटफार्म पर लाना हैं जहां सम्पूर्ण विश्व के के सभी गैर मुस्लिम धर्मगुरु,बुद्धिंजीवी व विद्वान अपने और सम्पूर्ण मानवता के अस्तित्व की रक्षा के एक दूसरे के साथ सहयोग के मार्ग खोजने का प्रयास करेंगे।
आयोजन के बारे में बताते हुए डॉ उदिता त्यागी ने कहा कि आज सम्पूर्ण विश्व मे जिस तरह के हालात बन चुके हैं,वह सम्पूर्ण मानवता के लिये बहुत ही अशुभ है।आज दुनिया का ऐसा कोई कोना नहीं बचा है जहां इस्लाम के जिहादी ना पहुँच गए हो।आज सम्पूर्ण विश्व मे इस्लाम के जिहादी जनसंख्या को हथियार बना कर लोकतंत्र के माध्यम से सभी देशों पर कब्जा करके वहाँ सभी गैर मुस्लिम जनसमुदाय का समूल नरसंहार करने की कार्ययोजना पर चल रहे हैं।आज कोई भी जनसमुदाय केवल अपने बूते पर इस्लाम के जिहादियों से अपनी रक्षा नहीं कर सकता।ऐसे में सम्पूर्ण विश्व के सभी गैर मुस्लिम जनसमुदायों को एक साथ आकर अपने अस्तित्व के साथ ही सम्पूर्ण मानवता को बचाने का प्रयास करना चाहिये।विश्व धर्म संसद(वर्ल्ड रिलीजियस कन्वेंशन) इसके मार्ग खोजने में सहायक सिद्ध होगा।अतः विश्व शांति और सम्पूर्ण मानवता की रक्षा के लिये विश्व धर्म संसद(वर्ल्ड रिलीजियस कन्वेंशन) अति आवश्यक है।
डॉ उदिता त्यागी ने यह भी कहा कि विश्व धर्म संसद(वर्ल्ड रिलीजियस कन्वेंशन) हमारे गुरु जी महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज का स्वप्न है जो उनकी अनुपस्थिति में भी पूर्ण किया जाएगा।
प्रेस वार्ता में श्री सुनील त्यागी जी ने संत समाज से महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज का साथ देने का अनुरोध करते हुए कहा कि महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज सनातन धर्म की सबसे मजबूत आवाज हैं।उन्होंने सदैव धर्म के लिये इस्लामिक जिहादियों के टक्कर ली है।आज सारी दुनिया के इस्लामिक जिहादी उनको मार देना चाहते हैं।ऐसे में सारे संत समाज को अपने आपसी मतभेद भुला कर उनका साथ देना चाहिये।
प्रेस वार्ता में सुप्रसिद्ध कथावाचक पंडित पवनकृष्ण शास्त्री जी ने कहा कि हरिद्वार के सनातनी विश्व धर्म संसद के आयोजन में हर तरह का सहयोग करेंगे।यह आयोजन सम्पूर्ण विश्व को दिशा देने का कार्य करेगा।
प्रेस वार्ता में असीमानंद जी महाराज,विजयपाल सिंह त्यागी, सुभाष त्यागी, आनंद तिवारी, CA आशुतोष पांडे, डॉ रामसिंह, शशिकांत त्यागी, देव नारायण तिवारी, जागेश त्यागी, मनोज त्यागी, अमित पुंडीर, विवेक नगर, तरुण त्यागी, अंकित आदि उपस्थित थे।

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PRESS CONFERENCE

अब सनातन को पुष्यमित्र शुंग जैसे नेता और आचार्य चाणक्य जैसे धर्मगुरुओं की आवश्यकता है _महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी

हर हर महादेव
प्रेस विज्ञप्ति
वाल्मिकीनगर
22 अगस्त 2024
अब सनातन को पुष्यमित्र शुंग जैसे नेता और आचार्य चाणक्य जैसे धर्मगुरुओं की आवश्यकता है _महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी

पटना के सभी हिंदूवादियों ने बांग्लादेश में हुए हिन्दुओ के भीषण नरसंहार पर तीव्र आक्रोश व्यक्त किया।

विश्व धर्म संसद के लिये भिक्षा मांगने महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज बिहार की राजधानी पटना पहुँचे

जो बांग्लादेश के हिन्दुओ के साथ हुआ है,वो बहुत जल्दी भारत के हिन्दुओ के साथ भी होगा-यति सत्यदेवानंद सरस्वती

आज सनातन धर्म को पुष्यमित्र शुंग जैसे नेता और आचार्य चाणक्य जैसे धर्मगुरुओं की आवश्यकता है क्योंकि जो भीषण नरसंहार आज बांग्लादेश के हिन्दुओ का हो रहा है,एक दिन ये भारत के कोने कोने में भी होगा।आज सम्पूर्ण विश्व के गैर मुस्लिमो को यह समझना होगा कि जो इस्लाम बांग्लादेश के मुस्लिम मानते हैं,वो ही इस्लाम भारत सहित पूरे विश्व के मुस्लिम मानते हैं।अब ये सम्पूर्ण विश्व को तय करना है कि वो इस्लाम के इन जिहादी दरिंदों के साथ कैसे निर्वाह करेंगे।

ये विचार शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर व श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज ने पटना में एक प्रेस वार्ता में व्यक्त किये।प्रेस वार्ता में उनके साथ माधव लाल,विनायक जी,यति सत्यदेवानन्द, यति रणसिंहानन्द, यति निर्भयानन्द, यति परमात्मानन्द, यति रामस्वरूपानन्द फलाहारी बाबा, यति अभयानन्द तथा अन्य भक्तगण उपस्थित दे।
प्रेस वार्ता से पहले महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी ने अपने शिष्यों के साथ पटना के महावीर मंदिर में बजरंगबली हनुमान जी की पूजा करके उनसे इस्लामिक जिहाद के समूल विनाश की कामना की।
महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज अपने साथियों के साथ इस्लाम के जिहाद की अवधारणा को सम्पूर्ण विश्व को समझाने के लिये 5 दिवसीय विश्व धर्म संसद का आयोजन कर रहे हैं जिसमे सम्पूर्ण विश्व के सभी गैर मुस्लिम धर्मगुरुओ और विचारकों को बुलाया जा रहा है।
इस आयोजन को वो सम्पूर्ण भारत के हिन्दुओ से भिक्षा माँगकर कर रहे हैं।आज वो अपने शिष्यों के साथ भिक्षा मांगने पटना आये।

एक होटल में प्रेस वार्ता करते हुए उन्होंने विस्तार से विश्व धर्म संसद के विषय में जानकारी दी।विश्व धर्म संसद का आयोजन 17,18,19,20 और 21 दिसंबर 2024 को गाजियाबाद में यति नरसिंहानंद सरस्वती फाउंडेशन के द्वारा अन्य संस्थाओं के सहयोग से किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि संपूर्ण विश्व में अपने मजहब के नाम पर निर्दोष जनों की हत्या करने का नाम ही इस्लामिक जिहाद है और ये सिखाने वाले संपूर्ण मानवता के अपराधी हैं।इनसे आज विश्व के सभी गैर मुस्लिमो को संघर्ष करना ही होगा।इस बार के लोकसभा चुनावों में जिस तरह से भारत के प्रधानमंत्री को जगह जगह अपनी सभाओ में इस्लामिक जिहाद की चर्चा करनी पड़ा,ये बहुत ही चिंता की बात है।यह दर्शाता है कि स्थिति अब कितनी खराब हो चुकी है।प्रधानमंत्री जी ने अपनी चुनावी सभाओं में वही सब कुछ कहा है जो हम पिछले अनेक वर्षों से कहते आ रहे हैं।आज प्रधानमंत्री जी की बात को गम्भीरता से लेकर इसका समाधान खोजने की जरूरत है।हमे यह भी समझना पड़ेगा कि इस्लामिक जिहाद किसी समुदाय विशेष,किसी क्षेत्र विशेष या देश विशेष की समस्या नहीं है बल्कि सम्पूर्ण विश्व के गैर मुस्लिमो की समस्या है और इसके समाधान के लिये विश्व स्तर के प्रयास अति आवश्यक है।विश्व धर्म संसद इसका रास्ता खोजने का कार्य करेगी।विश्व धर्म संसद के लिए चारो पीठो के जगद्गुरु शंकराचार्य जी को मार्गदर्शन के लिये निवेदन किया जा चुका है।अब हम देश के सभी पंथों,सम्प्रदाय और धार्मिक समूहों के धर्मगुरुओ से विश्व धर्म संसद का सहयोगी बनने का निवेदन करेंगे।

प्रेस वार्ता में यति सत्यदेवानंद जी कहा कि जिहाद की विभीषिका को न समझने के कारण ही आज सम्पूर्ण मानवता विनाश की ओर तेजी से जा रही है।हम सनातन धर्म के मानने वाले इस्लामिक जिहाद के सबसे निरीह शिकार रहे हैं।इतने अवर्णनीय अत्याचारों के बाद भी हम विश्व को अपनी पीड़ा बता नहीं पाए जिसके कारण सम्पूर्ण विश्व इस्लामिक ज़िहाद को समझने में असफल हो गया।आज समय आ चुका है कि हम अपनी गलतियों को सुधारते हुए सम्पूर्ण विश्व को अपने साथ हो रहे अन्याय और अत्याचारों की सच्चाई से अवगत कराए और सम्पूर्ण विनाश को वैचारिक रूप से संघर्ष के लिये तैयार करें।हम विश्व धर्म संसद के माध्यम से अपनी यह जिम्मेदारी पूरी करेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि जो अमानवीयता गत वर्ष 7 अक्टूबर को हमास के जिहादियों ने निर्दोष यहूदियों के साथ दिखाई और आज बांग्लादेश के निर्दोष हिंदुओ के साथ दिखा रहे हैं, वह उन्होंने हजारो बार हमारे साथ कि है।अब समय आ गया है कि हम हिन्दू दुनिया को दिखाए की हम अहिंसक हैं परंतु कायर या कमजोर नहीं।विश्व धर्म संसद एक दैवीय आयोजन होगा।हम इसको करने में कोई भी कसर नही छोड़ेंगे और इस आयोजन के बाद सम्पूर्ण विश्व का इस्लाम के जिहाद के बारे दृष्टिकोण बदल जायेगा।
हिन्दू स्वाभिमान के प्रमुख माधव लाल कश्यप ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि अब समय आ गया है की सभी सनातनियो को अपने सभी मतभेदों को भुला कर अपने परिवार,अपने बच्चो और अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए स्वयं खड़ा होना पड़ेगा।हम अपने धर्म की रक्षा का कार्य किसी और पर नहीं छोड़ सकते।इस्लाम के जिहादियों से टक्कर लेने का कार्य सभी सनातानियो को ही करना होगा।हम हर तरह से महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी के साथ हैं और उनके हर कार्य में सहयोग करेगे।

प्रेस वार्ता में उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियो ने अपनी संपूर्ण शक्ति से विश्व धर्म संसद के सहयोग और समर्थन का संकल्प लिया।

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PRESS CONFERENCE

इस्लाम के जिहाद के समूल विनाश की कामना से महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी ने त्रिवेणी संगम पर विधिवत मां और महादेव की पूजा की

हर हर महादेव
प्रेस विज्ञप्ति
वाल्मिकीनगर
22 अगस्त 2024
इस्लाम के जिहाद के समूल विनाश की कामना से महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी ने त्रिवेणी संगम पर विधिवत मां और महादेव की पूजा की

चंपारण के सभी हिंदूवादियों ने बांग्लादेश में हुए हिन्दुओ के भीषण नरसंहार पर तीव्र आक्रोश व्यक्त किया।

विश्व धर्म संसद के लिये भिक्षा मांगने महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज सुदूर पश्चिमी चंपारण पहुँचे

जो बांग्लादेश के हिन्दुओ के साथ हुआ है,वो बहुत जल्दी भारत के हिन्दुओ के साथ भी होगा-महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी

बांग्लादेश के हिन्दुओ के साथ जो हो रहा है,यही इस्लाम का असली चेहरा है।जो भीषण नरसंहार आज बांग्लादेश के हिन्दुओ का हो रहा है,एक दिन ये भारत के कोने कोने में भी होगा क्योंकि जो इस्लाम बांग्लादेश के मुस्लिम मानते हैं,वो ही इस्लाम भारत सहित पूरे विश्व के मुस्लिम मानते हैं।अब ये सम्पूर्ण विश्व को तय करना है कि वो इस्लाम के इन जिहादी दरिंदों के साथ कैसे निर्वाह करेंगे।

ये विचार शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर व श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज ने वाल्मिकीनगर में व्यक्त किये।प्रेस क्लब में उनके साथ माधव लाल कश्यप, सुरेन्द्र गुप्ता, मनीष कुमार , दिनेश गुप्त, विनय सिंह, यति सत्यदेवानन्द, यति रणसिंहानन्द, यति निर्भयानन्द, यति परमात्मानन्द, यति रामस्वरूपानन्द फलाहारी बाबा, यति अभयानन्द तथा अन्य भक्तगण उपस्थित दे।
प्रेस वार्ता से पहले महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी ने अपने शिष्यों के साथ भारत नेपाल सीमा पर स्थित त्रिवेणी संगम पर कोलेश्वर महादेव और महाकाली की पूजा करके उनसे इस्लामिक जिहाद के समूल विनाश की कामना की।
महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज अपने साथियों के साथ इस्लाम के जिहाद की अवधारणा को सम्पूर्ण विश्व को समझाने के लिये 5 दिवसीय विश्व धर्म संसद का आयोजन कर रहे हैं जिसमे सम्पूर्ण विश्व के सभी गैर मुस्लिम धर्मगुरुओ और विचारकों को बुलाया जा रहा है।
इस आयोजन को वो सम्पूर्ण भारत के हिन्दुओ से भिक्षा माँगकर कर रहे हैं।आज वो अपने शिष्यों के साथ भिक्षा मांगने बगहा आये।

एक होटल में प्रेस वार्ता करते हुए उन्होंने विस्तार से विश्व धर्म संसद के विषय में जानकारी दी।विश्व धर्म संसद का आयोजन 17,18,19,20 और 21 दिसंबर 2024 को गाजियाबाद में यति नरसिंहानंद सरस्वती फाउंडेशन के द्वारा अन्य संस्थाओं के सहयोग से किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि संपूर्ण विश्व में अपने मजहब के नाम पर निर्दोष जनों की हत्या करने का नाम ही इस्लामिक जिहाद है और ये सिखाने वाले संपूर्ण मानवता के अपराधी हैं।इनसे आज विश्व के सभी गैर मुस्लिमो को संघर्ष करना ही होगा।इस बार के लोकसभा चुनावों में जिस तरह से भारत के प्रधानमंत्री को जगह जगह अपनी सभाओ में इस्लामिक जिहाद की चर्चा करनी पड़ा,ये बहुत ही चिंता की बात है।यह दर्शाता है कि स्थिति अब कितनी खराब हो चुकी है।प्रधानमंत्री जी ने अपनी चुनावी सभाओं में वही सब कुछ कहा है जो हम पिछले अनेक वर्षों से कहते आ रहे हैं।आज प्रधानमंत्री जी की बात को गम्भीरता से लेकर इसका समाधान खोजने की जरूरत है।हमे यह भी समझना पड़ेगा कि इस्लामिक जिहाद किसी समुदाय विशेष,किसी क्षेत्र विशेष या देश विशेष की समस्या नहीं है बल्कि सम्पूर्ण विश्व के गैर मुस्लिमो की समस्या है और इसके समाधान के लिये विश्व स्तर के प्रयास अति आवश्यक है।विश्व धर्म संसद इसका रास्ता खोजने का कार्य करेगी।विश्व धर्म संसद के लिए चारो पीठो के जगद्गुरु शंकराचार्य जी को मार्गदर्शन के लिये निवेदन किया जा चुका है।अब हम देश के सभी पंथों,सम्प्रदाय और धार्मिक समूहों के धर्मगुरुओ से विश्व धर्म संसद का सहयोगी बनने का निवेदन करेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि जिहाद की विभीषिका को न समझने के कारण ही आज सम्पूर्ण मानवता विनाश की ओर तेजी से जा रही है।हम सनातन धर्म के मानने वाले इस्लामिक जिहाद के सबसे निरीह शिकार रहे हैं।इतने अवर्णनीय अत्याचारों के बाद भी हम विश्व को अपनी पीड़ा बता नहीं पाए जिसके कारण सम्पूर्ण विश्व इस्लामिक ज़िहाद को समझने में असफल हो गया।आज समय आ चुका है कि हम अपनी गलतियों को सुधारते हुए सम्पूर्ण विश्व को अपने साथ हो रहे अन्याय और अत्याचारों की सच्चाई से अवगत कराए और सम्पूर्ण विनाश को वैचारिक रूप से संघर्ष के लिये तैयार करें।हम विश्व धर्म संसद के माध्यम से अपनी यह जिम्मेदारी पूरी करेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि जो अमानवीयता गत वर्ष 7 अक्टूबर को हमास के जिहादियों ने निर्दोष यहूदियों के साथ दिखाई और आज बांग्लादेश के निर्दोष हिंदुओ के साथ दिखा रहे हैं, वह उन्होंने हजारो बार हमारे साथ कि है।अब समय आ गया है कि हम हिन्दू दुनिया को दिखाए की हम अहिंसक हैं परंतु कायर या कमजोर नहीं।विश्व धर्म संसद एक दैवीय आयोजन होगा।हम इसको करने में कोई भी कसर नही छोड़ेंगे और इस आयोजन के बाद सम्पूर्ण विश्व का इस्लाम के जिहाद के बारे दृष्टिकोण बदल जायेगा।
हिन्दू स्वाभिमान के प्रमुख माधव लाल कश्यप ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि अब समय आ गया है की सभी सनातनियो को अपने सभी मतभेदों को भुला कर अपने परिवार,अपने बच्चो और अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए स्वयं खड़ा होना पड़ेगा।हम अपने धर्म की रक्षा का कार्य किसी और पर नहीं छोड़ सकते।इस्लाम के जिहादियों से टक्कर लेने का कार्य सभी सनातानियो को ही करना होगा।हम हर तरह से महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी के साथ हैं और उनके हर कार्य में सहयोग करेगे।

बैठक में उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियो ने अपनी संपूर्ण शक्ति से विश्व धर्म संसद के सहयोग और समर्थन का संकल्प लिया।

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Press Release

बांग्लादेश के विभाजन की मांग को लेकर डॉ उदिता त्यागी व यति सन्यासियों ने किया संयुक्त राष्ट्र संघ के दिल्ली कार्यालय पर

हर हर महादेव
16 अगस्त 2024
प्रेस विज्ञप्ति
बांग्लादेश के विभाजन की मांग को लेकर डॉ उदिता त्यागी व यति सन्यासियों ने किया संयुक्त राष्ट्र संघ के दिल्ली कार्यालय पर प्रचंड प्रदर्शन

आज से शुरू हुआ संघर्ष बांग्लादेशी हिंदुओ के लिए अलग राष्ट्र के निर्माण पर ही पूर्ण होगा_डॉ उदिता त्यागी

प्रत्येक हिन्दू के लिए अब प्रत्येक हिन्दू को लड़ना पड़ेगा_डॉ विवेक कौल

आज विश्व धर्म संसद की मुख्य संयोजक डॉ उदिता त्यागी जी ने यति संन्यासियों और हिंदूवादी कार्यकर्ताओं के साथ संयुक्त राष्ट्र संघ के दिल्ली कार्यालय पर प्रचंड प्रदर्शन करके संयुक्त राष्ट्र संघ से बांग्लादेश का विभाजन करके वहां के हिंदुओ के लिए एक अलग देश बनाने की प्रक्रिया को आरंभ करने की मांग की।प्रदर्शन में भाग लेने वालो में सुप्रसिद्ध एनआरआई डॉ विवेक कौल,यति रामस्वरूपानंद जी,यति रणसिंहानंद जी,यति परमात्मानंद जी,यति अभयानंद जी,सनोज शास्त्री,पंडित कृष्णवल्लभ भारद्वाज,मोहित बजरंगी,अजीत मलिक,अशोक मित्तल तथा अन्य लोग उपस्थित थे।
अपनी इस मांग को लेकर उन्होंने एक प्रार्थना पत्र भी संयुक्त राष्ट्र संघ के अधिकारियों को सौंपा।
संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुंटेरेस को लिखे गए इस प्रार्थना पत्र में लिखा की हम भारत के हिंदू,आपको अवगत कराना चाहते हैं कि बांग्लादेश में हिंदुओं(जो की बांग्लादेश के मूल निवासी हैं)का वहाँ के इस्लामिक जिहादियों के द्वारा हो रहे खुलेआम नरसंहार,हिंदू महिलाओं के साथ बलात्कार और उनकी संपत्तियों की लूट और तोड़फोड़ से हम बहुत आहत हैं।
भारत और पाकिस्तान के विभाजन के समय से ही जब बांग्लादेश को पूर्वी पाकिस्तान के नाम से जाना जाता था वहाँ लगातार हिंदुओं का नरसंहार हो रहा है।पिछले कुछ समय से बांग्लादेश में छात्रों के आंदोलन के नाम पर लगातार हिंसा हो रही है और बिना किसी रोकटोक के हिंदुओं का जघन्य नरसंहार किया जा रहा है।
छात्र आंदोलन के बीच 5 अगस्त को शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। सेनाध्यक्ष जनरल वकार-उज-जमान ने देश को चलाने के लिए अंतरिम सरकार के गठन की घोषणा की है। इस बीच, नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार का प्रमुख नियुक्त कर दिया गया।प्रधानमंत्री शेख़ हसीना की सरकार का इस्लामिक जिहादियों ने तख्ता पलट कर देश का क़ानून अपने हाथ में ले लिया।जिसके बाद लगातार वहाँ रहने वाले अल्पसंख्यक हिंदुओं का नरसंहार बड़े पैमाने पर शुरू हो गया।चार, पांच और छह अगस्त को भारी नरसंहार हुआ । इस हिंसा में उपद्रवियों के निशाने पर सरकारी इमारतों के अतिरिक्त अवामी लीग के नेता और हिंदू थे। इस दौरान हिंदुओं के मकानों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और मंदिरों पर बड़े पैमाने पर हमले हुए।
64 में से 45 जिलों में हिंदुओं को बहुत ही नृश्संता से मारा गया।अल्पसंख्यकों के लिए काम करने वाली बांग्लादेश Hindu Buddhist Christian Unity Council के अनुसार, बांग्लादेश के 64 में से 45 जिलों में हिंदुओं पर हमले हुए यानी बांग्लादेश के 70% जिलों में हिंदुओं का नरसंहार हुआ और उनकी संपत्ति को तोड़फोड़ कर लूट लिया गया । उनके धार्मिक स्थल, घर और व्यापार सब कुछ इस्लामिक जिहादियों के निशाने पर था।गृह मंत्रालय के प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल (रिटायर्ड) मुहम्मद सखावत हुसैन ने माना कि “पिछले हफ्ते हुई हिंसा में बहुत से स्थानों पर हिंदुओं पर हमले हुए”।अल्पसंख्यक अधिकार आंदोलन” नाम के हिंदू छात्रों का एक 5 सदस्यीय दल अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार डॉ. यूनुस से मिला।यूनुस को चर्चा के लिए 8 सूत्री मांगें सौंपी गईं।प्रधानमंत्री मोदी ने बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के गठन के बाद धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था।इसी तरह की चिंता अमेरिका समेत दुनिया भर से जताई।इस पत्र के माध्यम से हम आपसे अनुरोध करते हैं कि संयुक्त राष्ट्र संघ बांग्लादेश के विभाजन की प्रक्रिया को तुरंत शुरू करे और वहाँ के हिंदुओं के लिए एक अलग राष्ट्र की स्थापना करें। ऐसा ना होने की स्थिति में वहाँ रहने वाले डेढ़ करोड़ हिंदुओं का आने वाले कुछ ही समय में पूर्ण रूपेण नरसंहार सुनिश्चित है।हमे आपसे आशा है कि आप दुनिया भर में रहने वाले करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए बांग्लादेशी हिंदुओं की जान और माल की सुरक्षा त्वरित रूप से सुनिश्चित करते हुए उनके लिए इस्लामिक जिहादियों से विहीन एक राष्ट्र बनाने की प्रक्रिया पर उचित कार्यवाही करना आरंभ कर देगे।
आप यह समझ लीजिए की यदि आपने यह कार्य अविलंब आरंभ नहीं किया तो मानवता और मानवीय इतिहास आपको कभी क्षमा नहीं करेगा।
आज यह मांग करते हुए डॉ उदिता त्यागी जी ने कहा की आज से शुरू हुआ यह संघर्ष अब बांग्लादेशी हिंदुओ के लिए अलग राष्ट्र की निर्माण पर ही पूर्ण होगा।इसके लिए हमें जो भी करना पड़ेगा,हम वो जरूर करेगे।
सुप्रसिद्ध एनआरआई डॉ विवेक कौल ने कहा की अब समय आ गया है की प्रत्येक हिन्दू के लिए प्रत्येक हिन्दू बोलना आरंभ करे अन्यथा अब हम सबका जीवित बचना असंभव होगा।

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